क्या आप जानते हैं कि सियोल से बुसान भेजा गया पार्सल रात भर में पहले ग्योंगगी प्रांत में कहीं रुकता है और फिर दक्षिण की ओर जाता है? पहली नज़र में यह लंबा चक्कर लगता है, लेकिन देश भर के पार्सलों को एक जगह इकट्ठा करके गंतव्य के अनुसार दोबारा बाँटकर भेजना वास्तव में अधिक तेज़ और सस्ता पड़ता है। इस तरीके का आधार बनने वाली माल ढुलाई व्यवस्था ही ‘हब एंड स्पोक (Hub-and-Spoke Model)’ है।
आसान शब्दों में, हब एंड स्पोक का अर्थ है ‘ऐसे परिवहन नेटवर्क की संरचना, जिसमें अलग-अलग प्रस्थान स्थलों का माल एक केंद्रीय केंद्र (हब) पर इकट्ठा किया जाता है, फिर गंतव्य के अनुसार छाँटकर अलग-अलग क्षेत्रों (स्पोक) में भेजा जाता है।’ हब का अर्थ साइकिल के पहिए के बीच की नाभि और स्पोक का अर्थ उस नाभि से पहिए के घेरे तक फैली तीलियाँ हैं। परिवहन नेटवर्क का चित्र पहिए जैसा दिखता है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया।
इस सामग्री में हम क्रम से हब एंड स्पोक के मूल सिद्धांत, FedEx द्वारा प्रस्तुत उसकी पहली सफलता, उसके लाभ और सीमाएँ, तथा आज की पार्सल सेवाओं और विमानन में उसके उपयोग को देखेंगे।

एक जगह इकट्ठा करके फिर बाँटने वाले परिवहन नेटवर्क का सिद्धांत
हब एंड स्पोक क्या है?

परिवहन नेटवर्क बनाने के मुख्यतः दो तरीके हैं। एक में सभी स्थान सीधे एक-दूसरे से जुड़ते हैं, और दूसरे में वे बीच के एक केंद्र के माध्यम से जुड़ते हैं।
(1) पॉइंट टू पॉइंट (Point-to-Point)
यह प्रस्थान स्थल से गंतव्य तक सीधे जाने का तरीका है। वाहन बदलने या माल दोबारा लादने की प्रक्रिया न होने से यह तेज़ होता है, लेकिन स्थान बढ़ने के साथ जोड़ने वाले मार्गों की संख्या तेज़ी से बढ़ती है। यदि n स्थान हों, तो हर जोड़ी को जोड़ने के लिए n × (n - 1) ÷ 2 मार्गों की आवश्यकता होती है।
(2) हब एंड स्पोक (Hub-and-Spoke)
इस तरीके में सभी स्थान केवल एक हब से जुड़ते हैं। यदि n स्थान हों, तो n - 1 मार्ग पर्याप्त हैं। चार शहरों का उदाहरण लें, तो सीधे संपर्क वाले तरीके में उन्हें आपस में जोड़ने के लिए 6 मार्ग चाहिए, लेकिन एक शहर को हब बनाने पर बाकी तीन शहरों से जुड़ने वाले 3 मार्गों से काम हो जाता है। उदाहरण के लिए, 100 स्थानों को जोड़ने के लिए सीधे संपर्क वाले तरीके में 4,950 मार्ग चाहिए, जबकि हब वाले तरीके में 99 मार्गों से सभी स्थानों के बीच आना-जाना संभव है।
मार्गों की संख्या घटने से आवश्यक वाहनों, विमानों और कर्मचारियों की संख्या भी घटती है। लेकिन अधिकांश माल को एक बार हब से होकर गुज़रना पड़ता है, इसलिए हब पर छँटाई कितनी तेज़ और सटीक होती है, इसी पर पूरे परिवहन नेटवर्क की सफलता निर्भर करती है। इसीलिए हब पर आने और जाने वाले वाहनों के समय का बारीकी से तालमेल किया जाता है, ताकि माल अधिक देर रुके बिना सीधे अगले मार्ग पर भेजा जा सके।
FedEx ने साबित की रात भर में डिलीवरी

हब एंड स्पोक की ताकत को दुनिया भर में पहचान दिलाने वाली कंपनी अमेरिका की FedEx (Federal Express) है। माना जाता है कि इसके संस्थापक फ़्रेडरिक स्मिथ (Frederick W. Smith) ने येल विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई के दौरान हवाई माल ढुलाई की अक्षमताओं का विश्लेषण करने वाले एक असाइनमेंट में इस कंपनी की रूपरेखा तैयार की थी।
1973 वर्ष के 4वें महीने की 17 तारीख को FedEx ने टेनेसी राज्य के मेम्फिस को हब बनाकर अपना कारोबार शुरू किया। उस रात 389 कर्मचारियों और 14 छोटे जेट विमानों ने अमेरिका के 25 शहरों में 186 पार्सल पहुँचाए। इस व्यवस्था में हर शहर से इकट्ठा किए गए पार्सल रात में विमान से मेम्फिस लाकर एक साथ छाँटे जाते थे, फिर भोर में दोबारा गंतव्य शहरों के लिए उड़ान भरकर सुबह उनकी डिलीवरी की जाती थी। शुरुआती कुछ वर्षों में कंपनी घाटे से नहीं उबर सकी, लेकिन 1975 वर्ष के 7वें महीने में पहली बार मुनाफ़ा कमाकर उसने रात भर में डिलीवरी का एक नया बाज़ार खोला।
- भौगोलिक केंद्रीय स्थिति (Central Location): मेम्फिस अमेरिका के मध्य भाग के करीब था, इसलिए सभी शहरों तक उड़ान की दूरी लगभग समान रूप से कम थी।
- मौसम की विश्वसनीयता (Weather Reliability): खराब मौसम के कारण मेम्फिस हवाई अड्डा बहुत कम बंद होता था, इसलिए हर रात निर्धारित समय-सारणी का पालन करना आसान था।
हब एंड स्पोक के लाभ और सीमाएँ

अमेरिका में 1978 में विमानन संबंधी नियमन हटने के बाद बड़ी विमानन कंपनियों ने हब एंड स्पोक को तेज़ी से अपनाया और यह एक मानक जैसा बन गया। इसके स्पष्ट लाभ हैं, लेकिन साथ ही कुछ ऐसी कमज़ोरियाँ भी हैं जिनसे बचना कठिन है।
(1) हब एंड स्पोक के लाभ
अलग-अलग क्षेत्रों से कम मात्रा में आने वाला माल हब पर इकट्ठा करने से बड़े वाहनों और विमानों को पूरी तरह भरकर भेजा जा सकता है, जिससे प्रति वस्तु परिवहन लागत घटती है। साथ ही, मार्गों की संरचना सरल होने के कारण किसी नए क्षेत्र को जोड़ते समय केवल उसे हब से जोड़ने वाला एक नया मार्ग बनाना पड़ता है।
(2) हब एंड स्पोक की सीमाएँ
पास के दो स्थानों के बीच जाने वाले माल को भी हब का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे दूरी और समय बढ़ता है। सारा प्रवाह एक जगह केंद्रित होने के कारण हब पर भीड़ होने या भारी बर्फ़बारी, बिजली कटने अथवा खराबी से उसके रुकने पर पूरा परिवहन नेटवर्क भी रुक जाता है। इसीलिए अधिक माँग वाले हिस्सों में सीधे मार्ग भी जोड़े जाते हैं, या कई हब बनाकर जोखिम बाँटा जाता है।
आज की पार्सल सेवाओं और विमानन में हब

दक्षिण कोरिया की अधिकांश पार्सल सेवाएँ भी इसी संरचना पर चलती हैं। डिलीवरी कर्मचारी मोहल्लों से जो डिब्बे इकट्ठा करते हैं, वे पास के उप-टर्मिनल से होकर रात में हब टर्मिनल पर पहुँचते हैं। वहाँ क्षेत्र के अनुसार छँटाई के बाद वे गंतव्य के उप-टर्मिनल से होकर घर के दरवाज़े तक पहुँचते हैं।
- मेगा हब (Mega Hub): CJ दैहान टोंगुन द्वारा 2018 में ग्योंगगी प्रांत के ग्वांगजू में खोले गए गोंजिआम मेगा हब टर्मिनल का कुल फ़्लोर क्षेत्रफल लगभग 30 × दस हज़ार वर्ग मीटर और छँटाई के लिए कन्वेयर की लंबाई लगभग 43 किलोमीटर है। बताया जाता है कि यह रोज़ लगभग 175 × दस हज़ार डिब्बों को संसाधित कर सकता है।
- हब हवाई अड्डा (Hub Airport): बड़ी विमानन कंपनियाँ इंचियोन, दुबई और फ़्रैंकफ़र्ट जैसे हवाई अड्डों को हब बनाकर विभिन्न शहरों के यात्रियों को इकट्ठा करती हैं और वहाँ उन्हें दूसरी उड़ानों में स्थानांतरित करती हैं।
- पोतांतरण बंदरगाह (Transshipment Port): बुसान बंदरगाह जैसे बड़े बंदरगाह विभिन्न देशों से आए कंटेनरों को उतारकर दूसरे जहाज़ों पर लादते हैं और समुद्री हब की भूमिका निभाते हैं।
- सीधी उड़ान रणनीति (Point-to-Point Strategy): अमेरिका की साउथवेस्ट एयरलाइंस जैसी कम लागत वाली विमानन कंपनियाँ भी हैं, जिन्होंने हब से गुज़रे बिना सीधी उड़ानों पर ध्यान केंद्रित करके सफलता पाई है।
हब एंड स्पोक ऐसी परिवहन नेटवर्क संरचना है, जिसमें अलग-अलग जगहों के माल को एक जगह इकट्ठा करके छाँटा जाता है और फिर अलग-अलग गंतव्यों पर भेजा जाता है। यह मार्गों और लागत को बहुत घटाता है, लेकिन एक हब पर भारी बोझ डालता है। FedEx की रात भर में डिलीवरी से शुरू हुई यह व्यवस्था आज हर दिन पार्सल के डिब्बों और विमान बदलने की प्रक्रियाओं में काम कर रही है।
सबसे छोटे रास्ते से पहले वह रास्ता खोजना, जहाँ माल सबसे अच्छी तरह इकट्ठा हो सके—यही कुशल परिवहन नेटवर्क बनाने की दिशा में पहला कदम है।