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कारखाने में पहुँची पहली रोबोट भुजा, यूनिमेट (Unimate)

गर्म पिघली धातु से अभी-अभी ढाले गए कार के पुर्जों को उठाकर दूसरी जगह रखना लंबे समय तक इंसानों का काम था। पुर्जे इतने गर्म होते थे कि हाथ जल जाएँ, और कारखाने के भीतर जहरीला धुआँ भरा रहता था। ज़रा-सी असावधानी भी गंभीर चोट का कारण बन सकती थी।

1961 में अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य के एक कार कारखाने में पहली बार ऐसी मशीन आई जिसने इंसानों की जगह यह खतरनाक काम सँभाला। बड़े बक्से जैसे शरीर पर एक भुजा वाली यह मशीन याद की हुई गतिविधियाँ बिना थके दोहराती थी। यह ‘यूनिमेट (Unimate)’ था, जिसे दुनिया का पहला औद्योगिक रोबोट माना जाता है।

इस सामग्री में हम क्रम से देखेंगे कि यूनिमेट एक आविष्कारक के पेटेंट से शुरू होकर कारखाने तक कैसे पहुँचा, मशीन कैसी दिखती थी और गतिविधियाँ कैसे सीखती थी, जनता के सामने उसने क्या प्रदर्शन किया, और आज के औद्योगिक रोबोटों के लिए उसने क्या विरासत छोड़ी।


औद्योगिक रोबोटों के युग की शुरुआत करने वाली पहली भुजा

एक पेटेंट से शुरू हुआ रोबोट

पुरानी कार्यशाला की मेज़ पर रखे यांत्रिक भुजा के डिज़ाइन के नक्शे, ड्राफ्टिंग पेंसिल, स्लाइड रूल और छोटे धातु के पुर्जे

यूनिमेट की शुरुआत आविष्कारक जॉर्ज डेवोल (George Devol) के एक पेटेंट से हुई थी। वे अकादमिक विद्वान नहीं, बल्कि काम की जगह पर मशीनें सँभालने का अनुभव रखने वाले तकनीशियन थे। वे सोच रहे थे कि कारखानों के दोहराव वाले काम मशीनों को कैसे सौंपे जाएँ।

(1) प्रोग्राम से वस्तुएँ स्थानांतरित करने वाला उपकरण
डेवोल ने 1954 वर्ष के 12वें महीने की 10 तारीख को ‘प्रोग्रामित वस्तु स्थानांतरण (Programmed Article Transfer)’ नाम से पेटेंट का आवेदन किया, और यह पेटेंट 1961 वर्ष के 6वें महीने की 13 तारीख को पंजीकृत हुआ। इसमें ऐसी बहुउद्देशीय मशीन का विचार था जो तय गतिविधियों को दर्ज करके उन्हें ठीक उसी तरह दोहराए और वस्तुओं को उठाकर दूसरी जगह रखे।

(2) एक कारोबारी से मुलाकात
1956 में डेवोल की एक सभा में तकनीशियन जोसेफ एंगेलबर्गर (Joseph Engelberger) से मुलाकात हुई। दोनों ने एक साझा सोच के साथ रोबोट बनाकर बेचने वाली कंपनी खड़ी की, जो आगे चलकर यूनिमेशन (Unimation) बनी। इसे दुनिया की पहली रोबोट कंपनी कहा जाता है। एंगेलबर्गर को बाद में ‘रोबोटिक्स के जनक’ का उपनाम मिला।

(3) पहला ग्राहक, कार कारखाना
पहला यूनिमेट जनरल मोटर्स (General Motors) को बेचा गया और 1961 में न्यू जर्सी के यूइंग टाउनशिप स्थित कारखाने में लगाया गया। इस रोबोट को डाई-कास्टिंग मशीन से अभी-अभी निकले गर्म धातु के पुर्जे उठाकर दूसरी जगह रखने का काम सौंपा गया।

यूनिमेट के इतिहास का कालक्रम। ‘यूनिमेट, पहले औद्योगिक रोबोट का सफर’ शीर्षक और ‘पेटेंट से हॉल ऑफ फेम तक’ उपशीर्षक के नीचे लाल क्षैतिज रेखा पर चिह्नों के साथ पाँच पड़ाव दिखाए गए हैं। क्रम इस प्रकार है: 1954 में डेवोल का पेटेंट आवेदन (पेटेंट दस्तावेज़), 1956 में डेवोल और एंगेलबर्गर की मुलाकात (हाथ मिलाना), 1961 में GM कारखाने में पहली स्थापना और गर्म धातु के पुर्जों का स्थानांतरण (कारखाना और रोबोट भुजा), 1966 में टेलीविज़न टॉक शो में उपस्थिति (टेलीविज़न), और 2003 में रोबोट हॉल ऑफ फेम में शामिल होना (हॉल का भवन)। नीचे बक्से जैसे शरीर और हाइड्रॉलिक भुजा वाले यूनिमेट का चित्र तथा ‘बक्सेनुमा शरीर + हाइड्रॉलिक भुजा’ विवरण है।
यह कालक्रम 1954 में पेटेंट आवेदन से लेकर 2003 में रोबोट हॉल ऑफ फेम में शामिल होने तक पहले औद्योगिक रोबोट यूनिमेट के सफर को दर्शाता है।

बक्सेनुमा शरीर और हाइड्रॉलिक भुजा की संरचना

1960 के दशक की शैली की औद्योगिक रोबोट भुजा, जिसके बड़े आयताकार धातु के शरीर पर लंबी फैलने वाली हाइड्रॉलिक भुजा और दो जबड़ों वाला चिमटा लगा है

पहला यूनिमेट आज की सुडौल रोबोट भुजाओं से अलग, भारी और बेडौल दिखता था। उसका वजन लगभग 4,000 पाउंड, यानी हमारे यहाँ इस्तेमाल होने वाली इकाई में करीब 1.8 टन था।

  • आधार (Base): नियंत्रण और स्मृति उपकरणों को अपने भीतर समेटे एक बड़ा बक्सा, जो पूरी भुजा को सहारा देता है।
  • हाइड्रॉलिक भुजा (Hydraulic Arm): तेल के दबाव से चलने वाली भुजा, जो भारी पुर्जों को भी ताकत से उठा लेती है।
  • ग्रिपर (Gripper): भुजा के सिरे पर लगा चिमटा, जो पुर्जों को पकड़ता है।
  • ड्रम मेमोरी (Drum Memory): एक स्मृति उपकरण, जो घूमते हुए बेलन पर गतिविधियों का क्रम चुंबकीय संकेतों के रूप में दर्ज करता है।

कारखाने में लगाया गया यूनिमेट पाँच स्वतंत्रता अंशों वाला प्रोग्राम करने योग्य मैनिपुलेटर था। इस तरह यह शुरुआती पेटेंट में प्रस्तावित केवल सीधी रेखा में चलने वाली सरल संरचना से अधिक विकसित रूप था।

शुरुआती मॉडल में वैक्यूम ट्यूबों को डिजिटल स्विच की तरह इस्तेमाल किया गया था, और बाद में उनकी जगह ट्रांजिस्टर आए। उस समय बाज़ार में उपलब्ध पुर्जों का प्रदर्शन पर्याप्त नहीं था, इसलिए यूनिमेशन को अधिकांश पुर्जों का डिज़ाइन खुद बनाना और उन्हें धातु काट-तराशकर तैयार करना पड़ा।


खुद चलाकर सिखाने का तरीका

पुराने कारखाने की डाई-कास्टिंग मशीन के ऊपर रोबोट भुजा का धातु का चिमटा अभी-अभी ढाले गए गर्म कार के पुर्जे को पकड़े हुए

यूनिमेट के काम सीखने का तरीका आज भी काफी सहज लगता है। प्रोग्राम का कोड लिखने के बजाय इंसान रोबोट के शरीर को एक-एक गतिविधि याद कराते थे।

(1) स्थितियों को एक-एक करके दर्ज करना
जब कर्मचारी भुजा के सिरे पर लगे चिमटे को मनचाही स्थिति में ले जाता, तो रोबोट उस स्थिति को ड्रम मेमोरी में दर्ज कर लेता था। इस तरह कई बिंदुओं को क्रम से सहेजने पर काम का एक पूरा क्रम तैयार हो जाता था।

(2) सहेजी गई गतिविधियाँ दोहराना
दर्ज करने का काम पूरा होने पर रोबोट सहेजे गए बिंदुओं के बीच क्रम से आते-जाते हुए वही गतिविधियाँ लगातार दोहराता था। एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक जाने वाली यह बिंदु-से-बिंदु गति (Point-to-Point Motion) आज भी रोबोट भुजाओं का एक बुनियादी कार्य है।

(3) वही मशीन, अलग काम
केवल नई गतिविधियाँ दर्ज करके उसी रोबोट को दूसरा काम सौंपा जा सकता था। केवल एक काम के लिए बनी विशेष स्वचालित मशीनों से अलग, प्रोग्राम बदलकर कई कामों में इस्तेमाल किए जा सकने की यही विशेषता औद्योगिक रोबोटों का मूल गुण बनी।


टेलीविज़न के मंच और कारखानों में छोड़ी विरासत

उज्ज्वल रोशनी वाली आधुनिक कार असेंबली लाइन में कतारबद्ध कई औद्योगिक रोबोट भुजाएँ कार की बॉडी के ढाँचे की वेल्डिंग करती हुई

यूनिमेट ने कारखाने के बाहर भी लोगों का ध्यान खींचा। 1966 में एंगेलबर्गर यूनिमेट के साथ अमेरिका के एक लोकप्रिय देर रात के टॉक शो में आए।

(1) बीयर परोसना और गोल्फ की गेंद होल में डालना
प्रसारण में यूनिमेट ने कप में बीयर डाली, गोल्फ की गेंद पर प्रहार करके उसे होल में डाला, और संचालन छड़ी उठाकर वाद्यवृंद का संचालन किया। कई दर्शकों के लिए यह पहली बार था जब उन्होंने किसी रोबोट को सचमुच काम करते देखा।

(2) वाहन उद्योग में फैलाव
जनरल मोटर्स के बाद क्राइसलर और फोर्ड ने भी यूनिमेट अपनाया। पहला मॉडल 3 × दस हज़ार और 5 × एक हज़ार डॉलर के घाटे पर बेचा गया था, लेकिन ऑर्डर बढ़ने से उत्पादन लागत घट गई और कंपनी को बड़ा मुनाफा होने लगा।

(3) हॉल ऑफ फेम में जगह पाना
1980 के दशक में कार कंपनियाँ हाइड्रॉलिक प्रणाली के बजाय विद्युत मोटर से चलने वाले रोबोट चाहने लगीं, और 1980 के दशक की शुरुआत में यूनिमेशन वेस्टिंगहाउस के हाथों में चली गई। फिर भी, 2003 में अमेरिका के कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित रोबोट हॉल ऑफ फेम में सबसे पहले शामिल किए गए रोबोटों में यूनिमेट का नाम भी था।


यूनिमेट ने पहली बार कारखाने के कार्यस्थल पर यह साबित किया कि खतरनाक और उबाऊ काम मशीनों को सौंपकर इंसान अधिक सुरक्षित जगह पर काम कर सकते हैं। आज कार कारखानों में बिना रुके वेल्डिंग और असेंबली करने वाली अनगिनत रोबोट भुजाएँ इसी बेडौल पहली भुजा की वंशज हैं।

बार-बार किए जाने वाले खतरनाक काम इंसानी हाथों से मशीनों के हाथों में सौंपना ही औद्योगिक रोबोटिक्स का पहला कदम है, जिसमें कारखाने और रोबोट साथ मिलकर काम करते हैं।

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