हम रोज़ जिन स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते हैं उनकी लिथियम बैटरियाँ, गाड़ियों में भरा जाने वाला पेट्रोल, गर्मियों में मच्छर भगाने वाला स्प्रे और यहाँ तक कि नल का साफ़ पानी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कीटाणुनाशक भी। इन सबमें क्या समानता है? ये हमारे जीवन को सुविधाजनक बनाते हैं, लेकिन परिवहन और भंडारण के दौरान ज़रा-सी लापरवाही से बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकने वाले 'खतरनाक माल (Dangerous Goods)' हैं।
लॉजिस्टिक्स उद्योग में खतरनाक माल का प्रबंधन ऐसा क्षेत्र है जिसमें उच्चतम स्तर की विशेषज्ञता और सतर्कता की आवश्यकता होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक भी गलती, मामूली झटका या तापमान में बहुत छोटा बदलाव भी विस्फोट, आग, विषैली गैस के रिसाव और पर्यावरण प्रदूषण जैसी बेकाबू आपदाओं का कारण बन सकता है। वास्तव में, दुनिया भर में होने वाली लॉजिस्टिक्स दुर्घटनाओं का एक बड़ा हिस्सा खतरनाक माल को गलत तरीके से संभालने, अलग-अलग पदार्थों को साथ लादने और सुरक्षा नियमों का पर्याप्त पालन न करने के कारण होता है।
खतरनाक माल की लॉजिस्टिक्स केवल सामान को बिंदु A से बिंदु B तक पहुँचाने का काम नहीं है। यह 'विज्ञान और सुरक्षा का सघन समन्वय' है, जिसमें रासायनिक गुणों की गहरी समझ, कड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन और सख्त नियंत्रण प्रणालियाँ एक साथ काम करती हैं।
इस सामग्री में संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा स्थापित 'UN खतरनाक माल वर्गीकरण प्रणाली' के आधार पर Class 1 से Class 9 तक के खतरनाक माल के प्रकारों और प्रत्येक वर्ग के परिवहन व भंडारण के प्रमुख सिद्धांतों को समझेंगे। आइए, आधुनिक औद्योगिक समाज को सहारा देने वाली खतरनाक माल की लॉजिस्टिक्स के सख्त प्रबंधन की दुनिया को जानें।
UN खतरनाक माल वर्गीकरण प्रणाली के 9 वर्ग और प्रबंधन नियम

संयुक्त राष्ट्र (UN) खतरे की प्रकृति और भौतिक व रासायनिक गुणों के आधार पर खतरनाक माल को कुल 9 वर्गों (Class) में बाँटता है, ताकि दुनिया भर की लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में एक समान मानदंडों के तहत इसे सुरक्षित तरीके से संभाला जा सके।
Class 1: विस्फोटक पदार्थ (Explosives)
ये ऐसे पदार्थ हैं जो बाहरी आघात, घर्षण, गर्मी या लौ के प्रभाव से पल भर में तीव्र रासायनिक अभिक्रिया करते हैं और गैस व ऊष्मा छोड़ते हैं।
- प्रमुख वस्तुएँ: डायनामाइट, पटाखे, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: मामूली घर्षण या झटके से भी बचाना आवश्यक है, इसलिए झटके सोखने वाली कुशनिंग सामग्री का इस्तेमाल अनिवार्य है। परिवहन में कंपनरहित वाहनों का उपयोग किया जाता है और इन्हें अन्य ज्वलनशील पदार्थों के साथ लादना सख्त मना है।
Class 2: गैसें (Gases)
ये संपीड़ित, द्रवीकृत या घुली हुई अवस्था में परिवहन की जाने वाली गैसें हैं, जिन्हें ज्वलनशील, अज्वलनशील व अविषैली तथा विषैली गैसों में विभाजित किया जाता है।
- प्रमुख वस्तुएँ: ब्यूटेन गैस, प्रोपेन, ऑक्सीजन, आग बुझाने वाली गैसें, अमोनिया
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: उच्च दाब वाले पात्रों में संग्रहित होने के कारण बाहरी चोट या तापमान बढ़ने से विस्फोट का बड़ा खतरा रहता है। अच्छे वेंटिलेशन वाले विशेष वाहन भंडारण स्थलों और हवादार कंटेनरों का इस्तेमाल करना चाहिए तथा गैस रिसाव डिटेक्टरों को लगातार चालू रखना चाहिए।
Class 3: ज्वलनशील द्रव (Flammable Liquids)
ये ऐसे तरल पदार्थ हैं जो कम तापमान पर भी आसानी से ज्वलनशील वाष्प छोड़ते हैं और मामूली अंगारे या चिंगारी से भी आग पकड़ लेते हैं।
- प्रमुख वस्तुएँ: पेट्रोल, मिट्टी का तेल, अल्कोहल, पेंट, चिपकाने वाले पदार्थ
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: स्थिर विद्युत से पैदा होने वाली चिंगारियों को रोकने के लिए अर्थिंग की व्यवस्था अनिवार्य है। सीधी धूप से बचाया जाता है और तापमान नियंत्रित करने वाले फ्रीज़र/रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों या पूरी तरह बंद टैंकर ट्रकों का इस्तेमाल किया जाता है।
Class 4: ज्वलनशील ठोस (Flammable Solids)
इन्हें घर्षण या गर्मी से आसानी से आग पकड़ने वाले ठोस (4.1), स्वतः प्रज्वलित होने वाले पदार्थ (4.2) और पानी के संपर्क में आने पर ज्वलनशील गैस छोड़ने वाले पदार्थों (4.3) में बाँटा जाता है।
- प्रमुख वस्तुएँ: गंधक, माचिस, नैफ़्थलीन, सोडियम, पोटैशियम
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: नमी से बचाव सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलरोधी पैकेजिंग बुनियादी आवश्यकता है और ऐसे दोहरी पैकेजिंग वाले पात्र इस्तेमाल किए जाते हैं जो हवा या पानी से संपर्क को पूरी तरह रोकते हैं।

Class 5: ऑक्सीकारक पदार्थ और कार्बनिक परॉक्साइड (Oxidizing Substances & Organic Peroxides)
ये ऐसे पदार्थ हैं जो स्वयं न जलने पर भी ऑक्सीजन छोड़कर दूसरे पदार्थों के दहन में सहायता करते हैं (5.1), या ऊष्मीय अपघटन के कारण तीव्र विस्फोट कर सकते हैं (5.2)।
- प्रमुख वस्तुएँ: ब्लीच, कृषि उर्वरक (अमोनियम नाइट्रेट), हाइड्रोजन परॉक्साइड
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: ज्वलनशील पदार्थों के साथ लादना बड़ी आग का प्रमुख कारण बनता है, इसलिए इनका परिवहन पूरी तरह अलग रखकर करना चाहिए। ये गर्मी के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं, इसलिए तापमान का सख्त नियंत्रण बनाए रखना आवश्यक है।
Class 6: विषैले और संक्रामक पदार्थ (Toxic & Infectious Substances)
ये ऐसे पदार्थ हैं जो शरीर में अवशोषण, त्वचा से संपर्क या साँस के माध्यम से मनुष्यों में घातक विषाक्तता पैदा करते हैं (6.1), या रोगजनक मौजूद होने के कारण बीमारियाँ उत्पन्न करते हैं (6.2)।
- प्रमुख वस्तुएँ: कीटनाशक, सोडियम साइनाइड, चिकित्सीय अपशिष्ट, रोगजनकों के नमूने
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: रिसाव होने पर ये कर्मचारियों और पर्यावरण को तत्काल नुकसान पहुँचाते हैं, इसलिए पूरी तरह सीलबंद पात्रों में पैक करना बुनियादी आवश्यकता है। खाद्य पदार्थों या पशु आहार के साथ इनका परिवहन सख्त मना है और कर्मचारियों को विशेष सुरक्षा उपकरण पहनने चाहिए।
Class 7: रेडियोधर्मी पदार्थ (Radioactive Material)
ये ऐसे पदार्थ हैं जो लगातार अल्फा, बीटा और गामा किरणों जैसे हानिकारक विकिरण उत्सर्जित करते हैं, जो मानव ऊतकों को नष्ट कर सकते हैं या आनुवंशिक बदलाव ला सकते हैं।
- प्रमुख वस्तुएँ: परमाणु ऊर्जा उत्पादन का ईंधन, चिकित्सीय रेडियोधर्मी समस्थानिक, औद्योगिक गैर-विनाशकारी परीक्षण उपकरण
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: विकिरण रोकने में सक्षम सीसे, कंक्रीट और विशेष मिश्रधातुओं की पैकेजिंग सामग्री इस्तेमाल की जाती है। परिवहन मार्ग की पूर्व स्वीकृति और वाहन में वास्तविक समय में रेडियोधर्मिता मापने वाला उपकरण रखना अनिवार्य है।
Class 8: संक्षारक पदार्थ (Corrosive Substances)
ये प्रबल अम्लीय और प्रबल क्षारीय पदार्थ हैं जो संपर्क में आने पर धातुओं को गंभीर रूप से संक्षारित करते हैं और जीवित ऊतकों (त्वचा, आँखों आदि) में पीड़ादायक रासायनिक जलन पैदा करते हैं।
- प्रमुख वस्तुएँ: सल्फ्यूरिक अम्ल, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, सोडियम हाइड्रॉक्साइड (धनात्मक सोडा), बैटरी का द्रव
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: अम्ल या क्षार सहने वाले विशेष प्लास्टिक के पात्र और संक्षारणरोधी उपचार किए गए पात्र इस्तेमाल किए जाते हैं। दुर्घटना की स्थिति के लिए आपातकालीन उदासीनीकरण पदार्थ और धुलाई के उपकरण हमेशा वाहन में रखने चाहिए।
Class 9: अन्य खतरनाक माल (Miscellaneous Dangerous Goods)
ये ऐसे पदार्थ और वस्तुएँ हैं जो Class 1 से 8 की परिभाषाओं में नहीं आते, लेकिन परिवहन के दौरान पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सकते हैं या विशिष्ट खतरे पैदा करते हैं।
- प्रमुख वस्तुएँ: लिथियम आयन बैटरियाँ, शुष्क बर्फ, पर्यावरण के लिए हानिकारक पदार्थ, चुंबकीय पदार्थ
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का मुख्य बिंदु: हाल में लिथियम बैटरियों से जुड़ी आग की दुर्घटनाएँ बढ़ने के कारण SOC (चार्ज की स्थिति) की सीमाओं और शॉर्ट सर्किट रोकने वाली विद्युतरोधी पैकेजिंग जैसे वस्तु-विशिष्ट सुरक्षा नियमों को कड़ा किया जा रहा है।
सुरक्षित लॉजिस्टिक्स ही देश के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति है

अब तक समझी गई UN की खतरनाक माल को 9 वर्गों में बाँटने वाली प्रणाली केवल वस्तुओं को अलग-अलग श्रेणियों में रखने का तरीका नहीं है, बल्कि आपात स्थिति में मानव जीवन और पर्यावरण को बचाने वाली 'सुरक्षा की अंतिम सीमा' है।
खतरनाक माल की लॉजिस्टिक्स प्रणाली को सफलतापूर्वक बनाए रखने के लिए निम्नलिखित 3 प्रमुख तत्वों को व्यवहार में लागू करना अनिवार्य है।
- अलग रखकर परिवहन का सिद्धांत (Segregation): आपस में अभिक्रिया करने वाले पदार्थों (उदाहरण: Class 3 के ज्वलनशील द्रव और Class 5 के ऑक्सीकारक पदार्थ) को एक ही स्थान पर साथ संग्रहित या परिवहन नहीं करना चाहिए।
- लेबलिंग और पैकेजिंग का मानकीकरण (Labeling & Packaging): खतरनाक माल का प्रकार और खतरे का स्तर एक नज़र में समझ में आ सके, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय मानक चित्रचिह्नों वाले लेबल स्पष्ट रूप से लगाने चाहिए और केवल सत्यापित UN-प्रमाणित पात्रों का इस्तेमाल करना चाहिए।
- डेटा पर आधारित वास्तविक समय की निगरानी: IoT सेंसरों और तापमान, आर्द्रता व गैस मापने की तकनीकों का उपयोग करके परिवहन में मौजूद खतरनाक माल की स्थिति पर वास्तविक समय में नज़र रखने और असामान्यता के संकेत मिलते ही तुरंत कार्रवाई करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
हम रोज़मर्रा में अनगिनत उत्पादों का बेफ़िक्र होकर इस्तेमाल कर पाते हैं, क्योंकि हमारी नज़रों से दूर लॉजिस्टिक्स कार्यस्थलों पर विशेषज्ञ नियमों का पालन करते हुए खतरनाक माल को सुरक्षित ढंग से पहुँचाने के लिए सख्त प्रबंधन करते हैं। आशा है कि इस सामग्री से खतरनाक माल की लॉजिस्टिक्स के महत्व और सुरक्षा प्रबंधन की कड़ी व्यवस्था को समझने में मदद मिली होगी।