2038 वर्ष की समस्या क्या है? यह वह स्थिति है जिसमें यूनिक्स समय को 32 बिट में रखने वाले कंप्यूटर, वर्ष 2038 के 1 महीने की 19 तारीख के बाद के समय को गलती से वर्ष 1901 का समझ लेते है
डिज़ाइन केवल दृश्य तत्वों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ब्रांड की पहचान और मूल्यों को संप्रेषित करने वाले एक आवश्यक तत्व के रूप में स्थापित हो चुका है। आज के व्यावसायिक परिवेश में
स्मार्टफोन उठाते समय हम अक्सर कहते हैं, ‘बस आदत है।’ लेकिन उसी उपकरण पर कोई समाचार पढ़ता है, कोई छोटे वीडियो देखकर हँसता है, तो कोई दोस्तों का हालचाल जानता है। मीडिया लोगों पर एकतर
इस बार हम नए विचार खोजने और उत्पन्न करने के लिए अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक, माइंड मैप के बारे में जानकारी प्रस्तुत करेंगे। विचार खोजने की एक अन्य तकनीक, ब्रेनस्टॉर्मिंग में
आधुनिक तकनीक के नवाचारों में गिने जाने वाले 3D प्रिंटर विनिर्माण से लेकर चिकित्सा, शिक्षा और कला तक विभिन्न उद्योगों में बड़े बदलाव ला रहे हैं। 3D प्रिंटर जटिल आकार वाले उत्पादों क
डीपफेक (Deepfake) तकनीक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग के विकास से जन्मी वीडियो और ध्वनि संश्लेषण की तकनीक है, जो इतने परिष्कृत परिणाम तैयार करती है कि उन्हें वास्तविकता
इंटरनेट मंचों पर राय बाँटने वाली किसी पोस्ट पर जब सैकड़ों टिप्पणियाँ आने लगती हैं, तो किसी मोड़ पर अक्सर कोई व्यक्ति सामने वाले की तुलना किसी तानाशाह से कर देता है। भले ही बातचीत क
एक ही समाचार वीडियो देखकर भी एक पक्ष कहता है, ‘मीडिया हमें नीचा दिखा रहा है’, तो दूसरा कहता है, ‘मीडिया सिर्फ उस पक्ष का साथ देता है।’ खबर एक ही है, लेकिन दोनों पक्षों को लगता है क
हर सुबह आँख खुलते ही देखे जाने वाले स्मार्टफोन से लेकर सड़क पर चुपचाप गुजरती इलेक्ट्रिक कारों, लैपटॉप और पावर बैंक तक, आधुनिक जीवन का एक पल भी बैटरी (Battery) के बिना चल पाना कठिन
2004 वर्ष के 12 महीने की 26 तारीख की सुबह, थाईलैंड के फुकेत स्थित माई खाओ समुद्र तट पर अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ मना रही दस वर्ष की ब्रिटिश लड़की टिली स्मिथ (Tilly Smith) ने एक
नमकीन के पैकेट के पीछे देखें तो ‘ऊर्जा 250kcal’ जैसे आँकड़े साफ़ लिखे दिखाई देते हैं। लेकिन यह आँकड़ा किसने और कैसे मापा होगा? कारखाने में नमकीन का एक-एक टुकड़ा जलाकर नहीं देखा जात
फ़िल्म या धारावाहिक देखते समय अगर स्क्रीन का दृश्य थोड़ा झुका हुआ हो, तो वजह बताए बिना भी मन बेचैन हो जाता है। क्षितिज टेढ़ा हो जाए और खड़ी रेखाएँ तिरछी हो जाएँ, तो दुनिया यह संकेत